मेरी मासूम मोहब्बत

आयी जब वो जिंदगी में तो लगा कि वो ही इनायत थी मेरी !!
बस वो हर पल मेरे साथ रहे, इतनी सी चाहत थी मेरी !!
कभी-कभी सोचता हूँ, कितनी मासूम सी मोहब्बत थी मेरी !!

वो उससे हजारों बातें करना,वो हर पल उसका इंतजार करना !!
हर दिन की यही आदत थी मेरी !!
कभी कभी सोचता हूँ,कितनी मासूम सी मोहब्बत थी मेरी !!

उसके ही सपने दिन-रात देखना,उसके ख्यालों में हर पल गुजारना !!
लगता था कि वही अब इबादत थी मेरी !!
कभी-कभी सोचता हूँ,कितनी मासूम सी मोहब्बत थी मेरी !!

मालूम न था वो यूँ बदल जाएगी,साथ चलने का वादा कर इतना आगे निकल जाएगी !!
उसकी राह के काँटों को अपने सीने पर सजाना,बस इतनी सी चाहत थी मेरी !!
कभी-कभी सोचता हूँ कितनी मासूम सी मोहब्बत थी मेरी !!

#Navdeep_writes

Comments

Anonymous said…
❤️❤️❤️
Anonymous said…
❤️❤️❤️
Navdeep_writes said…
शुक्रिया

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