बेवफा यार...☺️☺️
कोई उसको बताओ,उससे बेवफाई की बू आ रही है !!
बन गई वो गैर की,गैर उसका हो गया !!
कोई उसको बताओ,मेरी जान जा रही है !!
मानाकि अब मैं उसका कुछ भी नहीं रहा !!
पर वो आज भी मुझे अपने सी लगती है !!
जो देखे थे मिल कर हमने साथ में !!
उस हसीन सपने सी लगती है !!
कल तक जो मेरी थी, आज किसी और की हो गई !!
कभी भीगी थी मेरे प्यार की बारिश में,आज बेवफाई में सराबोर सी हो गई !!
चली गई मुझे छोड़ कर,तू रकीब की खातिर !!
तेरे खातिर मेरी जिंदगी चाँद को तकने वाले चकोर सी हो गई !!
पा कर साथ रकीब का वो यूँ मुस्कुरा रही है !!
मानो कोई शय मेरे दिल पर छुरियाँ चला रही है !!
सो कर साथ रकीब के तू जो इतना मुस्कुरा रही है !!
देख जरा खुद को तुझसे बेवफाई की बू आ रही है !!
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