वो लड़का है..😢😢
अभी तक तो खुश था,आज चैन से सो नहीं सकता !!
उसको प्यार भी पाना है,घरवालों की भी सुननी है !!
शायद इस कहा-सुनी में उसका प्यार पूरा हो नहीं सकता !!
पर वो लड़का है साहब,वो खुल के रो नहीं सकता !!
पहले वो दिन चढ़ने तक सोता था !!
आज सुबह होने से पहले जाग जाता है !!
कभी शहर की सड़कों पर दौड़ता है !!
कभी गाँव की पगडंडियों पर भाग जाता है !!
कभी उसको घर का अच्छा खाना पसन्द नहीं आता था !!
आज कल जो मिलता है,चुप-चाप खा लेता है !!
उसके भी अरमान है,बहुत कुछ करने को !!
पर घर वालों की सोच,अपने अरमां सीने में दबा लेता है !!
जो सोया था मखमल के गद्दे पर अब तक !!
आज एक चटाई पर सोता है !!
जब घर की याद आती है !!
सबसे बच के अकेले में रोता है !!
पापा को प्यार बहुत करता है !!
पर कभी गले नहीं लगा पाता !!
सबके लिए प्यार है उसके मन में !!
पर कभी किसी को बता नहीं पाता !!
घर की चिंताओं में जी भर के सो नहीं सकता !!
वो लड़का है साहब,वो खुल के रो नहीं सकता !!
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