कभी जी चाहता है..❤️❤️
कभी जी चाहता है..
मैं बन जाऊँ कंगन तेरा,
मुझे पहन इठलाए तू,बलखाए तू !!
कभी खनकाए मूझे अपने हाथों में !!
कभी खनक सुन मेरी शर्माए तू !!
कभी जी चाहता है..
मैं बन जाऊँ दर्पण तेरा,
मुझे देख खुद को सँवारे तू,
मुझे देख खुद को निखारे तू,
मुझे देख के खुश हो जाये,
मुझे देख शरमाये तू !!
कभी जी चाहता है..
मैं बन जाऊँ राह तेरी !!
मुझ पर चलती जाए तू !!
तेरे मुलायम पैर पड़ते रहे मेरे बदन पर !!
कोई काँटा भी ना आये तेरे पैरों तले !!
जो काँटे तुझको छुएं वो समा जाएं मेरे बदन में !!
कभी जी चाहता है मैं बन जाऊँ झुमका तेरा..
मुझे अपने कानों में सजाए तू !!
लगा रहूँ तेरे गले से हमेशा !!
कभी मुझको दूर न हटाए तू !!
कभी जी चाहता है..
बहुत जी चाहता है !!
Navdeep_writes
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