हाल-ए-दिल..💔💔
तू बैठ तो सही कभी पास मेरे,हाल-ए-दिल सुनाऊँगा तुझे !!
क्या-क्या मुझ पर बीती हैं,एक-एक बात बताऊँगा तुझे !!
इस जहाँ के अलावा भी एक दुनिया है मेरी, कभी उसकी सैर कराऊँगा तुझे !!
तेरे-मेरे सपनों के जो महल बने थे सपनों में,उन महलों में ले जाऊँगा तुझे !!
तू बैठ तो सही कभी पास मेरे,हाल-ए-दिल सुनाऊँगा तुझे !!
आज तू मुझसे दूर हो गया,ये दिल मेरा मजबूर हो गया !!
जिसको समझा था जिंदगी मैंने,वो आईना ही चकनाचूर हो गया !!
टूटे हुए उस आईने में,तेरी ही तस्वीर दिखाऊँगा तुझे !!
बस एक बार मरने की इजाजत दे दे,फिर लौट के न कभी सताऊँगा तुझे !!
तू बैठ तो सही कभी पास मेरे,हाल-ए-दिल सुनाऊँगा तुझे !!
तू महलों की राजदुलारी,मैं टूटी झोंपड़ी का मालिक था !!
तेरी चाँद सी चमकती अमीरी पर,मैं गरीबी की अँधेरी कालिख था !!
माना कि किस्मत फूटी थी,और मेरी झोंपड़ी टूटी थी !!
जो महल बनी तेरी यादों से,उसी टूटी झोंपड़ी में ले जाऊँगा तुझे !!
तू बैठ तो सही कभी पास मेरे,हाल-ए-दिल सुनाऊँगा तुझे !!
दर्द-ए-दिल सुनाऊँगा तुझे !!
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