हाँ वही हो तुम..❤️❤️❤️
सदियों से जिसे ढूंढ रही थी मोहब्बत मेरी !!
जिसके लिए बैचेन थी चाहत मेरी !!
जो तस्वीर मेरे ख्वाबों में थी,
जो सूरत इन प्यासी निगाहों में थी !!
इस दिल की वो चाहत अनकही हो तुम !!
हाँ शायद मेरी मोहब्बत वही हो तुम !!
हाँ वही हो तुम !!
जिसके लिए मैंने रातों की नींद खोई है !!
इन्तेजार में जिसके ये आँखें सालों से न सोई हैं !!
आँखों की नींद, दिल का सुकून हो तुम !!
मेरी मोहब्बत,मेरा जुनून हो तुम !!
हाँ मेरी आखिरी ख्वाहिश अनकही हो तुम !!
हाँ शायद मेरी मोहब्बत वही हो तुम !!
हाँ वही हो तुम !!
आये हो तुम जबसे इस अंजुमन में !!
चाहत के झरने बहने लगे हैं मन में !!
मेरी रूह की चाहत,जख्मों की राहत हो तुम !!
फिजूल है जहाँ पर जरूरत हो तुम !!
मेरी नजर में गलत है जहाँ सारा,गलत जहाँ में भी सही हो तुम !!
हाँ शायद मेरी मोहब्बत वही हो तुम !!
हाँ वही हो तुम !!
NAVDEEP_WRITES

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